Sab kuch nahi le jaega

                  

         कोरोना सब कुछ नहीं ले जाएगा!


बहुत कुछ तो ले लिया इसने बल्कि बहुत से भी बहुत अधिक , कितनो की जान माल , बाजार , नौकरी , अर्थव्यवस्था तक ले ली | लेख के लिखित जाने तक विश्व की death टोल 1 लाख 70 हज़ार और संदिग्ध व्यक्ति 6 ​​लाख से अधिक , चारों ओर मच रहे इस हाहकार से ऐसा प्रतीत हो रहा है की मानो हम किसी हालीवुड फिल्म मे आ गए हैं | समझ आ गया की प्रकृति के साथ खिलवाड़ बहुत किया हमने , तालाबंदी मे अब तो घरेलू हिंसा की हेल्पलाइन कॉल भी दुगनी हो गई | पूर्ण मानव जाति अवसाद , चिंता , निराशा , से घिर गई है पिछले दो महीने से , पर अब बस हिम्मत चाहिए होगी हमे जो कि कठिन है क्योंकि वो कहा गया है ना -

जीत निश्चित हो तो अर्जुन कोई भी बन सकता है ,
जब मृत्यु निश्चित हो तब अभिमन्यु बनने के लिए साहस चाहिए |

ऐसे मे खुशी की खबर ये है कि R 0 (आर नाट , आर ज़ीरो) एक गणितीय शब्द जो एपिडेमियोलॉजी मे इस्तेमाल किया जाता है , बता रहा है कि संक्रमण अब कम हो गया है | इन परेशानियों के साथ ही बहुत से व्यक्ति हैं जो इस समय का सदुपयोग करने की बात बता रहे हैं कि आशावान होना मनुष्य का प्राकृतिक गुण है ।` नाउम्मीदी कुफ़र है` | आशा के सहारे हर बाधा पार कर मंज़िल मिलती है -

दिल नाउम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लंबी है ग़म कि शाम मगर शाम ही है तो |

अब मैं यहाँ अपनी युवा पीढ़ी से मुखातिब हूँ जो देश का भविष्य हैं , ये कोरोना  हमसे हमारी प्रतिभा तो नहीं ले सकते , हम भारतीय पहले ही विश्व मे अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता साबित कर चुके हैं शुक्र है ऊपरवाले का अन्य देशों जो हमारे यहाँ संक्रमण कम करते हैं है , अगर इस समय को हम एक अपॉर्च्युनिट की तरह ले तो ये हमारे लिए रोजगार और तरक्की के कई अवसर के साथ लाया है | सिर्फ थोड़ी रणनीति से हमे समझना है , बिना घबराए मानना है , इस बात को कि विषाणु अगर है तो लॉकडाउन के बाद अचानक कहीं गायब तो नहीं हो जाएगा संक्रमण की दर घटेगी मगर स्थिति थोड़ी लंबी चलेगी , इस समय का हमे फायदा उठाना है अपनी कौशलको और बढ़ाकर नया बाते सीखे | सम्पूर्ण विश्व वाइरस कि दवा , टीका , किट बनाने वाली रिसर्च करने मे जूझ रहा है , बड़ी संख्या मे चिकित्सा के क्षेत्र मे हर तरह के प्रोफेशनल की मांग बढ़ेगी , आईटी , कम्प्युटर प्रकाशन , साइबर सिक्योरिटी , डेटा गोपनीयता से जुड़े विकल्प आदि कि अधिक आवश्यकता होगी यूरोपी देश तो पहले ही डाक्टरी , एंजीनियरिंग क्षेत्रों मे भारतीयों का लोहा मानते हैं | साथ साथ सरकार खुद भी आपदा प्रबंधन मे कोई नया प्रयोग  करेगी , मनोवैज्ञानिक ,& काउन्सलर इत्यादि कि बहुत से क्षेत्र हैं बस आपको साहस और पूरी तैयारी से डट के खड़े रहना है इस कोरोना Blizzard के समय | एक शायर की ये पंक्तियाँ आप के हौसले के लिए काफी होंगी-

ज़िंदगी की असली उड़ान बाकी है , अभी तक कई इम्तेहान बाकी हैं |
नापीहै मुट्ठीभर ज़मीन तुम ने , अभीतो सारा आसमान बाकी है।

Comments

  1. Bahut khoob, , zabardast,,,, likha,,,,, Tarannum Bajia

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  2. बहुत अच्छा लिखा है तरन्नुम अप्पी आपने ।
    में आपका दूर का रिश्तेदार😊

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    1. नाम तो बताते । शुक्रिया

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