Shayri
ये है मेरा कुछ दिल के क़रीब शेरों का कलेक्शन। उम्मीद है आपको पसंद आएगा।Rabia.......
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
सभी की किस्मत में सब कुछ नहीं होता है।
जमीन के पास भी कहां आसमा होता है।
तरक्की के इस दौर में उसी का ज़ोर चल गया
बना के भीड़ में जो रास्ता निकल गया ।
आएं जब मुश्किलें तो हो मत परेशां ।
कभी देखा है अंधेरे ने सुबह ना होने दी।
जिंदगी में ये हुनर भी आज़माना चाहिए।
जंग हो अपनों से तो हार जाना चाहिए ।
ये जो खामोश से अल्फाज़ है ना ।
पढ़ना कभी ध्यान से, चीख़ते कमाल हैं ।
मुहब्बत के लिए कुछ खास दिल मख़्सूस होते हैं।
ये वो नग़मा है जो हर साज़ पे गाया नहीं जाता ।
लाज़िम है दिल के पास रहे पासबाने अक़्ल ।
लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़िए।
जिंदगी जिंदादिली का नाम है।
मुर्दा दिल क्या ख़ाक जिया करते हैं।
कैसे बदलूं मैं फितरत अपनी
तुझे सोचते रहने की आदत हो गई।
फूल चुने , खूब फिरे , शाद रहे ।
बागबान जाते है हम गुलशन तेरा आबाद रहे।
तुमसे लफज़ो का नहीं रूह का रिश्ता है मेरा।
मेरी सांसों में तहलील हो तुम खुशबू की तरह।
उग रहा है दरो दीवार पे सबज़ा गालिब
हम बयाबां में हैं और घरमें बहार आई है।
हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता।
फूलों की तरह हंस के गुज़रती रहे हयात
ग़म आपके करीब ना आए खुदा करे।
ये भी आदाब हमारे हैं तुम्हें क्या मालूम,
हम तुम्हें जीत के हारे हैं तुम्हें क्या मालूम।
एक तुम हो कि समझते ही नहीं हो हमको,
एक हम हैं कि तुम्हारे हैं तुम्हें क्या मालूम।
फ़ुरसत तुम्हारी याद से मिलती अगर हमें
कुछ अपना हाल पूछते तन्हाइयों से हम।
आज कल तो सिर्फ हम हैं और कलम है
हम इससे और ये हमसे हमकलाम है।
Comments
Post a Comment