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Rishton ka tana bana

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रिश्तों का ताना बाना आज एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा उठवा दिया मेरे मन ने,अब क्या करूं इसकी ना सुने तो मानता ही नहीं।तरह तरह के विचार काली आंधी के जैसे आ गए में में। ये रिश्ते आपके जन्म से शुरू होते है,और मृत्यु के बाद भी रहते और आप ही नहीं रहते ,तो इसको समझना है उतना ही कठिन जितनी की Quantum physics। सच्चाई ये है कि विज्ञान के विद्यार्थी तो हम हैं नहीं परन्तु लगाव बहुत रखते है।देखा जाए तो होता भी यही है हमारा दिल वहीं लगा रहता है जहां हम नहीं होते जो हमारा नहीं होता। सुना है कि Quantum theory बहुत कठिन है। आइंस्टाइन को भी समझ नहीं आ रही थी। ये लिखने के बीच में  ख़्याल आया पहले इसको ही समझने की कोशिश करें। रिश्ते तो समझ आ नहीं रहे। "लॉ वाले या इनलॉ के सभी रिश्ते हुए कठिन गुत्थी इनकी सुलझाने में बीते सारे दिन।" भौतिक (physics) शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द फ्युसिस से हुई जिसका अर्थ है। " प्रकृति " (nature) । भौतिक विज्ञान में अध्ययन किया जाता है। द्रव्य, उर्जा और प्राकृतिक घटनाओं का।रही बात क्वांटम की तो ये क्वांटा का बहुवच...

Yaden

खुश रहो तुम संगीता !       मधुरध्वनियों या स्वरों का कुछ खास नियमों और विशिष्ट लय मे होने वाला प्रस्फुटन कहलाता है संगीत ये पूरी मानव जाति को भगवान द्वारा प्रदत उपहार है। फिर चाहे कृष्ण की बंसी से निकले या मस्जिद की आज़ान से , होता बहुत कर्णप्रिय है।   और ऐसी ही तुम हो अपने नाम के अनुरुप | बहुत ही मधुर ….. डिंग डौंग ......1 डिंग डौंग ......2 डिंग डौंग ......3               ग्यारह बज गए लो आ राबिया डोर-बेल बजाने | चारों आ गईं बाहर अपने गांधीनगर के फ्लैट के कॉमन एरिया मे लग गई बातें करने | राबिया -क्यूँ रेनु भाभी भैया ऑफिस गए ? रेनु – और तुम घर मे ही रखखे हो न ? वंदना -ओह आज भैया को फिर माइग्रेन हुआ , रुको मैं तुम्हें एक होम रेमेडी भेजती हम मैं ने कल ही फकेबुक पे देखी है | तीनों बात कर रही थी मगर उनमे से एक थी मध्यम कद , तीखे नैन नक्श की मुझे बहुत भली लगने वाली संगीता , ये क्या बोलती है ज़रा सुने ध्यान से | संगीता -गुड मॉर्निंग , मैं अभी पापा का टिफ़िन बना रही हूँ , फिर मम्मी क...

Whatsapp se niklo

बात तब की है……. जब…             जब सबके पास व्हाट्सेप की सुविधा नहीं थी , क्योंकी ये एप ही नहीं था ना जी, और तो और मेरी बहनों,भाभियों , ननदों के पास तो जी फोन ही नहीं था । पर मैं इस मामले में धनी थी क्योंकी मेरे पति परमेश्वर जी ठहरे tech-savvy।उनके पास electronic gadgetsकी भरमार थी तो बारिश की बूंदों के कुछ अंश हमारे उपर भी गिर जाते। वह वाह!            तो  भाई बात जहां तक social networking की है तो बेचारी उन लोगों को तो पता ही नहीं कि  orkut कब आया और कब चला भी गया मै हा मै जानती हूं कहा ना मेरे पास सुविधा थी। अब धन्य हो मुकेश अंबानी जी कि रिलायंस आया ,सबके हाथ फोन आया, जिओ नेटवर्क आया तो मच गई धूम । फ़िर रंक से राजा की कहावत को चरितार्थ किया श्री jan kaum ne वही अपने वॉट्सएप के फाउंडर,पहले एकदम गरीब थे रोजगार कहीं मिल नहीं रहा था,अब बन गए है मलिक ९८० करोड़ डॉलर के। हाल ये है हर घर घर फोन , वीडियो कॉलिंग, चैटिंग, स्टेटस लगाने की धूम मची हुई है, भा...